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क.रा.बी अधिनियम 1948
अपने अंतर्गत व्याप्त किसी कारखाने या स्थापना में रोजगार के पहले
दिन से ही बीमाकृत व्यक्ति और उनके आश्रित जनों को पूर्ण चिकित्सीय
देखरेख का अधिकार देता है। इस विस्तृत पैकेज के अंतर्गत अति
विशेषज्ञ सुविधाओं के प्रावधान के साथ प्राथमिक चिकित्सा देखरेख,
विशेषज्ञ और रोग
निदान सेवा तथा अंतरंग मरीज देखरेख भी शामिल है।
योजना निम्न
चिकित्सीय देखरेख की पूर्ण श्रेणी उपलब्ध कराती है-
बाह्य रोग
सेवाएं
रोग निदान
सेवाएं
विशेषज्ञो
की सेवाएं
क.रा.बी. औषधालयों,
चैनल चिकित्सा
केन्द्रों,
रोग निदान केन्दों एवं क.रा.बी. अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से
चिकित्सालय सेवाएं आदि।
पैकेज में प्राथमिक
से लेकर अति विशेषज्ञ सुविधाओं तक की स्वास्थ देखरेख के सभी पहलू
शामिल हैं जो निम्नांकित है-
बाह्य रोग
इलाज
आवासीय
इलाज
अति
विषेषज्ञ इलाज
विशेषज्ञ
सलाह और रोग निदान सुविधाएं
अंतरंग
रोगी इलाज
दवाओं एवं
पट्टियांे की निःशुल्क संपूर्ति
एक्स रे और
प्रयोगशाला जांच/अनुसंधान
टीका और
निवारक टीका
जन्म पूर्व
देखरेख, प्रसव
के समय और जन्म के बाद देखरेख
अस्पतालों,
रोग निदान केन्द्रांे
इत्यादि पर जाने के लिए एंबुलेस सेवा या
वाहन शुल्क जो
भी लागू हो।
अस्पताल
में भर्ती होने पश्चात निःशुल्क भोजन
कृत्रिम
अंगो की निःशुल्क आपूर्ति,
शारीरिक पुनर्वास
हेतु मदद और उपकरण
परिवार
कल्याण सेवाएं और अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम सेवाएं
चिकित्सीय
प्रमाणन
विशेष
प्रावधानों के साथ अति विशेषज्ञ उपचार
अति विशेषज्ञ उपचार जैसे कि-
ओपन हर्ट सर्जरी,
न्यूरो सर्जरी,
अस्थि मज्जा
प्रत्यारोपण,
किडनी प्रत्यारोपण या विशिष्ट जॉच जैसे सी.ए.टी. स्कैन,
एम.आर.आई.,
एंजियोग्राफी आदि।
देष के विख्यात,
प्रमुख चिकित्सालयों
के साथ रेफरल प्रबंध किया गया है। क.रा.बी.योजना इस तरह के इलाज,
रोग निदान सुविधाओं
या शल्य चिकित्सीय इलाज के कुल लागत को वहन करती है।
यद्यपि
हितलाभार्थियों को अधिकतर चिकित्सीय देखरेख आधुनिक चिकित्सा पद्धति
(ऐलौपैथिक) द्वारा उपलब्ध करायी जाती है,
फिर भी विभिन्न
क्षेत्रों में बीमाकृत व्यक्तियों की मांग के अनुसार स्वेदशी
चिकित्सा पद्धति सुविधाएं जैसे कि (1) आयुर्वेदिक (2) युनानी (3)
होम्योपैथिक और सिद्ध की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
सेवानिवृत्त
और अपंग बीमाकृत व्यक्तियों तथा उनके पति या पत्नी की चिकित्सीय
सुविधा का विस्तार (क.रा.बी. केंद्रीय नियम-1950 के नियम 60 और 61)
यह
योजना सेवानिवृत्त और अपंग बीमाकृत व्यक्तियों तथा उनके पति या
पत्नी को 120/- प्रति वर्ष प्रति जोड़ी के नाममात्र सहयोग राशि पर
विस्तृत चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराता है,
अगर वह व्यक्ति
सेवानिवृत्ति से पहले लगातार बीमायोग्य रोजगार में कम से कम 5 वर्ष
कार्य कर चुका है। इस प्रकार जब इस योजना की तुलना चिकित्सीय बीमा
व्यवसाय के कुछ दूसरे बीमा एजेंसियों के द्वारा प्रारंभ किये गए
चिकित्सीय विस्तार योजना के साथ करते है तो यह योजना सेवानिवृत्त
एवं अपंग कर्मचारियों को बिना किसी ऊपरी व्यय सीमा के बहुत ही कम
किस्तों पर पूर्ण चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराता है। |