भारत की कर्मचारी राज्य बीमा योजना एक बहुआयामी सामाजिक
प्रणाली है जो
योजना में व्याप्त कामगारों और उनके आश्रितों को सामाजिक
आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने हेतु बनाई गई है। बीमा योग्य
रोजगार में आने के पहले दिन से ही उनको और आश्रितों को पूरी
चिकित्सा देखरेख के अलावा बीमाकृत व्यक्ति बीमारी के कारण
शारीरिक कष्ट
अस्थायी या स्थायी अपंगता आदि के परिणामस्वरूप् अर्जन क्षमता
की हानि बीमाकृत
महिला की प्रसूति आदि के मामलों में तरह तरह के हितलाभों का
हकदार भी है। औद्योगिक दुर्घटना या रोजगार चोट या व्यावसायिक
जोखिम के कारण जिन बीमाकृत व्यक्तियों
की मृत्यु हो जाती है उनके आश्रित मासिक पेंशन के हकदार होते
है
जिसे आश्रितजन हितलाभ कहा जाता है।
क.रा.बी निगम कार्यान्वित क्षेत्रो में अपने
शाखा कार्यालयों
के विशाल नेटवर्क के माध्यम से लगभग
40
लाख वैयक्तिक भुगतान के द्वारा प्रतिवर्ष औसतन
300
करोड रूपये की राशि का भुगतान करता है। विभिन्न आकस्मिकताओं
में नगद हितलाभ को प्राप्त करने के लिये बीमाकृत व्यक्तियों या
उनके आश्रितो को न्यूनतम औपचारिकताओं और कुछ नियम प्रक्रिया को
अपनाना होता है। इसलिये हितलाभो की निर्बाधता और सुगमता
सुनिश्चित करने के लिये निम्नलिखित पैराग्राफों में उस
प्रक्रिया के बारे में बताया गया है जिसे क.रा.बी.
लाभाधिकारियों को आवश्कता पडने पर हितलाभो का दावा करने के
लिये अपनाना होगा।